1 फरवरी गर्भवती महिलाओं के लिए एक बहुत विशेष दिन है।
Magh Purnima और Pushya Nakshatra की दिव्य ऊर्जा
माँ और गर्भ में पल रहे शिशु को
शांति, सुरक्षा और पोषण प्रदान करती है।
आज किया गया यह छोटा-सा Garbhsanskar
गर्भ में पल रहे शिशु को
भावनात्मक रूप से संतुलित बनने में सहायता करता है।
स्नान के दौरान शुद्ध जल से
मन और शरीर की शुद्धि करें।
सूर्य को जल अर्पित करते हुए
अपने और अपने शिशु के लिए
ऊर्जा और संरक्षण की प्रार्थना करें।
कृतज्ञता के भाव के साथ
जीवन की उन छोटी-छोटी कृपाओं को याद करें
जो आपको आज मिली हैं।
रात में चंद्रमा की शीतल रोशनी में
कुछ समय शांति से बैठें,
हाथ पेट पर रखकर
अपने शिशु से प्रेम से बात करें।
चंद्रमा की रोशनी में रखा गया जल
मन और भावनाओं में संतुलन लाता है।
अगली सुबह वही जल
धीरे-धीरे पिएं
और भीतर उतरती शांति को महसूस करें।
गर्भावस्था में सही ऊर्जा
शिशु के मन और भावनात्मक विकास के लिए
बहुत महत्वपूर्ण होती है।
ऐसी दिव्य Garbhsanskar practices
मेरी कक्षाओं में नियमित रूप से करवाई जाती हैं।
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